मङ्गलबार, ०६ चैत २०७४, १३ : ३०

गाड़ी में थे 10 करोड़ कैश-100 करोड़ के हीरे, लगाई थी नोट गिनने की मशीन

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लखनऊ/नोएडा. पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को सीबीआई कोर्ट ने यादव सिंह का 6 दिन का रिमांड स्वीकृत कर दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 15 जुलाई 2015 को उसकी संपत्ति की जांच का आदेश सीबीआई को दिया था। बताते चलें कि उसकी गाड़ी से 10 करोड़ के कैश और 100 करोड़ के हीरे मिले थे। वहीं, उसने ऑफिस में नोट गिनने की मशीन लगा रखी थी।
 ‘शेल’ कंपनियों के जरिए होता था पूरा खेल
इनकम टैक्स अफसर, कृष्ण सैनी ने बताया कि ये सारा खेल ‘शेल’ कंपनियों के जरिए होता था। ये फर्जी कंपनियां होती हैं। रजिस्टर्ड कंपनियां बनाकर नोएडा से प्लॉट अलॉट किए जाते थे। बाद में इनके शेयर शेल कंपनियों को बेचे जाते थे। इस तरह टैक्स की भी चोरी की जाती थी।
ये हैं यादव सिंह से जुड़े 10 फैक्ट
– 28 नवंबर 2014 को इनकम टैक्स के छापे में उसकी गाड़ी से 10 करोड़ कैश, 100 करोड़ के दो किलो हीरे की ज्वेलरी जब्त की गई।
– बसपा सरकार में उसने अपने ऑफिस में नोट गिनने की मशीन भी लगा दी थी।
– नोएडा सेक्टर 51 की कोठी के पास ग्रीन बेल्ट में ईको फ्रेंडली टॉयलेट, फुट लाइट, चार्जिंग प्वाइंट, कबूतरों का पिंजड़ा और रंग-बिरंगे झूले थे।
– अखिलेश सरकार ने उसके खिलाफ विभागीय जांच बिठाकर सस्पेंड कर दिया। बाद में सस्पेंशन वापस ले लिया।
– उसके आगरा के घर में सीबीआई गई, लेकिन ताला नहीं खुला।
– वह घर आता था, तो गाड़ी में नीली बत्ती होती थी। काफिले में पुलिस की एस्कॉर्ट टीम भी रहती थी।
– उसने नियमों को ताक पर रखकर 954 करोड़ रुपए के ठेके अपने करीबियों को बांट दिए थे।
– वह जेई से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे के चीफ इंजीनियर की पोस्ट तक पहुंचा। आरोप है कि वह बिना डिग्री के ही प्रमोट हुआ।
– इनकम टैक्स विभाग में अफसर कृष्णा सैनी के मुताबिक, ‘यादव सिंह की पत्नी और पार्टनरों पर आरोप लगा है कि उन्होंने 40 कंपनियां बनाकर हेराफेरी की।’
– अधिकारियों के मुताबिक, उसने कोलकाता में 40 फर्जी कंपनियां बनाकर नोएडा अथॉरिटी में प्लॉट का एलॉटमेंट का खेल शुरू किया।
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